रक्षाबंधन के दिन बहन की चुदाई


यह कहानी है जब मेरी बुआ अपनी बेटी के साथ गाँव आयी।
साथ में उनकी बेटी भी थी।
दिन भर मैं उसे चौदने के प्लान बनाता रहा।
वो रात को टीवी देखती रही और उस कमरे में ही सो गयी।
मैं तो इसी मौके की तलाश में था।
मैं भी सो गया उसके साथ।
फिर करीब बजे मैंने उसकी चूत पर हाथ फिराना शुरू किया।
एक हाथ से उसके दूध दबाने शुरू किये।
फिर उसे भी सेक्स चढ़ने और वो भी साथ देने लगी।
पर कंडोम होने के कारण बात दूसरे दिन के लिये टली।
फिर हमने खूब मस्ती की पर चूत चुदाई नहीं।
उसी रात बजे लंड फिर खड़ा हो गया।
वो तो सो चुकी थी।
मैं उसे जगाने के लिए उसके ऊपर लेट गया।
मगर शायद वो तृप्त हो चुकी थी इसलिये वो मुझसे कहने लगी कि कल तक रुको।
तो मैने कहा- कि बहनचोद ! ना मत कर ! लंड मान नहीं रहा !
तो वो बोली- बच्चा रुक गया तो ?
मैने कहा- मैं बाहर निकाल लूंगा, कुछ नहीं होगा।
तो वो राजी हो गयी।
फिर मैने उसके तन से सारे कपड़े अलग कर दिए और अपने लंड का मुँह उसकी चूत में पेल दिया।
वो चिल्लाने लगी- छोड़ बहन के लोड़े ! फट जायेगी !
मैंने उसकी बात सुनते हुए उसकी चूत पर बहुत सा थूक लगा कर जोर जोर से चोदने लगा।
जब उसे मजा आने लगा तो वो भी उचकने लगी।
१०-१२ मिनट बाद जब मेरी छूट होने को आयी तो
मैने लंड बाहर कर उसके पेट पर पाँच पिचकारी मारी
और कल की बात तय कर वहीं सो गया।
उसने चूत का खून साफ किया और लेट गयी।
मैने उसे सुबह पेनकिलर दी और वो खून से सनी चद्दर छिपा दी।
Ladies, housewives, Girls, Divorcee, jinko apni life me fun chahiye ya fir sex ke maje chahiye, ya phone sex etc, muje mail kariye," tarun_rocks@yahoo.com " ya fir " tarun.fun92@gmail.com "

No comments:

Post a Comment